🧠 स्मृति एवं सूचना प्रसंस्करण
- सूचना प्रसंस्करण सिद्धान्त के अनुसार स्मृति को कितने स्तरों में बाँटा गया है – तीन
- संवेदी स्मृति का समयावधि कितना होता है – अत्यल्प
- कार्यशील स्मृति की अवधारणा किसने दी – बैडले और हिच
- दीर्घकालीन स्मृति का भंडारण किस रूप में होता है – अर्थपूर्ण
- विस्मरण का ट्रेस सिद्धान्त किसने दिया – डेके
- सूचना प्रसंस्करण सिद्धान्त में ध्यान को किस रूप में माना गया है – सीमित संसाधन
- कार्यशील स्मृति की क्षमता को सीमित बताया – मिलर ने
- 7±2 का सिद्धान्त संबंधित है – स्मृति विस्तार से
- स्मृति में चंकिंग की अवधारणा दी – मिलर ने
- गहराई प्रसंस्करण सिद्धान्त दिया – क्रैक व लॉकहार्ट ने
- स्मृति में पुनरावृत्ति का मुख्य कार्य है – दीर्घकालीन भंडारण
- अर्थ विस्तार (Elaboration) अधिगम को बनाता है – स्थायी
- मेटाकॉग्निटिव निगरानी का अर्थ है – स्वयं की सोच पर नियंत्रण
💡 प्रेरणा, व्यक्तित्व एवं मापन
- प्रेरणा का आवश्यकता सिद्धान्त किसने दिया – मैसलो
- मैसलो के अनुसार सर्वोच्च आवश्यकता है – आत्मसिद्धि
- प्रेरणा का द्वि-कारक सिद्धान्त किसने दिया – हर्ज़बर्ग
- आंतरिक प्रेरणा का स्रोत होता है – स्वयं
- बाह्य प्रेरणा का उदाहरण है – पुरस्कार
- व्यक्तित्व शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई – लैटिन
- व्यक्तित्व का प्रकार सिद्धान्त किसने दिया – शेल्डन
- सोमेटोटोनिक व्यक्तित्व की विशेषता है – सक्रियता
- प्रक्षेपी तकनीकों का आधार क्या है – अचेतन मन
- रोर्शा परीक्षण में कितने कार्ड होते हैं – 10
- TAT का पूर्ण नाम है – थिमैटिक एपर्सेप्शन टेस्ट
- TAT परीक्षण का विकास किसने किया – मरे
- CAT परीक्षण किसके लिए प्रयुक्त होता है – बच्चों के लिए
- समाजमिति विधि का प्रतिपादन किया – मोरेनो
- साक्षात्कार विधि में त्रुटि का प्रमुख कारण है – साक्षात्कारकर्ता का पक्षपात
🎯 बुद्धि एवं बुद्धि सिद्धान्त
- बुद्धि शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया – सिसरो
- बुद्धि का एककारक सिद्धान्त किसने दिया – बिने
- द्विकारक सिद्धान्त का प्रतिपादन किया – स्पीयरमैन
- बहुकारक सिद्धान्त के प्रवर्तक हैं – थर्स्टन
- गिलफोर्ड के मॉडल में आयामों की संख्या है – तीन
- गिलफोर्ड के अनुसार उत्पादों की संख्या है – छह
- बुद्धि संरचना सिद्धान्त में कुल कारक हैं – 180
- अभिसारी चिन्तन का उपयोग होता है – सही उत्तर खोजने में
- अपसारी चिन्तन का संबंध है – सृजनात्मकता से
- गार्डनर ने प्रारम्भ में कितनी बुद्धियाँ बताई – सात
- प्राकृतिक बुद्धि का संबंध है – जीव-जंतुओं की पहचान से
- अंतरवैयक्तिक बुद्धि का संबंध है – दूसरों को समझने से
- अंतर्वैयक्तिक बुद्धि का संबंध है – स्वयं की समझ से
- बुद्धि लब्धि (IQ) का सूत्र किसने दिया – टरमन
- मानसिक आयु की अवधारणा किससे संबंधित है – बिने
- 70 से कम IQ वाला बालक कहलाता है – मंदबुद्धि
- 140 से अधिक IQ वाला बालक कहलाता है – अति-प्रतिभाशाली
🔬 पियाजे का संज्ञानात्मक विकास सिद्धान्त
- पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाएँ हैं – चार
- संवेदी-गामक अवस्था की आयु है – 0 से 2 वर्ष
- पूर्व संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है – आत्मकेन्द्रित चिन्तन
- मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में बालक सीखता है – ठोस वस्तुओं द्वारा
- औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की विशेषता है – अमूर्त चिन्तन
- वस्तु स्थायित्व की अवधारणा दी – पियाजे
- संरक्षण की अवधारणा का विकास होता है – मूर्त संक्रिया अवस्था में
- स्कीमा शब्द का प्रयोग किया – पियाजे
- अनुकूलन की दो प्रक्रियाएँ हैं – आत्मसात व समायोजन
- संतुलन की प्रक्रिया का उद्देश्य है – मानसिक साम्य
- संज्ञानात्मक असंतुलन की स्थिति उत्पन्न होती है – नई सूचना से
- पियाजे के अनुसार नैतिक विकास का प्रारंभिक रूप है – नैतिक यथार्थवाद
- नैतिक सापेक्षवाद किस अवस्था में पाया जाता है – उत्तर बाल्यावस्था
🌐 वायगोत्स्की एवं रचनावाद
- वायगोत्स्की का सिद्धान्त किस पर आधारित है – सामाजिक अंतःक्रिया
- ZPD का पूर्ण रूप है – Zone of Proximal Development
- स्कैफोल्डिंग की भूमिका निभाता है – शिक्षक
- भाषा को सोच का उपकरण किसने माना – वायगोत्स्की
- सामाजिक रचनावाद के प्रवर्तक हैं – वायगोत्स्की
- स्कैफोल्डिंग का तात्पर्य है – अस्थायी सहायता
- स्कैफोल्डिंग धीरे-धीरे हटाई जाती है – दक्षता बढ़ने पर
- निजी वाणी का अंततः रूपांतरण होता है – आंतरिक वाणी में
- वायगोत्स्की के अनुसार चिंतन की उत्पत्ति होती है – सामाजिक स्तर पर
- पियाजे और वायगोत्स्की में मुख्य मतभेद है – भाषा की भूमिका
- रचनावाद में त्रुटि को माना जाता है – अधिगम का स्रोत
- सहपाठी सहयोग अधिगम को बढ़ाता है – ZPD के भीतर
⚖️ कोहलबर्ग एवं एरिक्सन
- कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास का प्रथम स्तर है – पूर्व नैतिक स्तर
- दंड व आज्ञापालन अभिविन्यास किस स्तर से संबंधित है – पूर्व नैतिक स्तर
- सामाजिक स्वीकृति अभिविन्यास किस स्तर में आता है – पारंपरिक स्तर
- सामाजिक अनुबंध अभिविन्यास किस स्तर की विशेषता है – उत्तर पारंपरिक स्तर
- देखभाल नैतिकता की अवधारणा दी – कैरल गिलिगन ने
- गिलिगन ने कोहलबर्ग की आलोचना की – लैंगिक पक्षपात के कारण
- नैतिक स्वायत्तता का संबंध है – आंतरिक नैतिक नियंत्रण से
- एरिक्सन के अनुसार विश्वास बनाम अविश्वास का संघर्ष किस अवस्था में होता है – शैशवावस्था
- उद्यम बनाम अपराधबोध का संघर्ष किस आयु में होता है – 3 से 6 वर्ष
- परिश्रम बनाम हीनता का संघर्ष किस अवस्था की विशेषता है – उत्तर बाल्यावस्था
- पहचान बनाम भूमिका भ्रम का संघर्ष किस अवस्था में होता है – किशोरावस्था
- एरिक्सन ने विकास को माना – जीवनपर्यंत प्रक्रिया
- परिश्रम बनाम हीनता संकट का सफल समाधान देता है – दक्षता
📚 अधिगम सिद्धान्त (पैवलॉव, स्किनर, थॉर्नडाइक)
- पैवलॉव का अधिगम सिद्धान्त कहलाता है – शास्त्रीय अनुबंधन
- शास्त्रीय अनुबंधन में प्राकृतिक उद्दीपक होता है – भोजन
- शास्त्रीय अनुबंधन में तटस्थ उद्दीपक का उदाहरण है – घंटी
- पैवलॉव का प्रयोग किस पर किया गया – कुत्ते पर
- स्किनर के अनुसार दंड का प्रभाव होता है – अस्थायी
- नकारात्मक पुनर्बलन का अर्थ है – अप्रिय उद्दीपक को हटाना
- सकारात्मक पुनर्बलन का उदाहरण है – प्रशंसा
- स्किनर बॉक्स प्रयोग संबंधित है – चूहे से
- प्रचालन अनुबंधन में व्यवहार नियंत्रित होता है – परिणामों से
- थॉर्नडाइक का सिद्धान्त आधारित है – प्रयास व त्रुटि पर
- समान तत्वों का सिद्धान्त किसने दिया – थॉर्नडाइक
- तत्परता का नियम किससे संबंधित है – सीखने की तैयारी से
- नकारात्मक हस्तांतरण का अर्थ है – पूर्व अधिगम द्वारा नए अधिगम में बाधा
- अधिगम पठार दर्शाता है – अस्थायी स्थिरता
🔍 मेटाकॉग्निशन, ऑसुबेल एवं ब्रूनर
- मेटाकॉग्निशन शब्द का प्रयोग किया – फ्लैवेल ने
- मेटाकॉग्निशन का तात्पर्य है – सोच के बारे में सोचना
- स्व-नियंत्रित अधिगम का आधार है – मेटाकॉग्निशन
- उच्च स्तरीय चिंतन कौशल का आधार है – मेटाकॉग्निशन
- अर्थपूर्ण अधिगम सिद्धान्त के प्रतिपादक हैं – ऑसुबेल
- पूर्व आयोजक का उपयोग किसके लिए किया जाता है – नवीन ज्ञान जोड़ने हेतु
- रटने वाला अधिगम किसके अभाव में होता है – संज्ञानात्मक संरचना
- ब्रूनर का अधिगम सिद्धान्त किस पर आधारित है – अन्वेषण अधिगम
- एनेक्टिव अवस्था का संबंध है – क्रिया से
- आइकोनिक अवस्था का संबंध है – चित्रों से
- सिम्बोलिक अवस्था का संबंध है – भाषा व प्रतीकों से
- ब्रूनर के अनुसार अधिगम का सर्वश्रेष्ठ क्रम है – सर्पिल क्रम
- संगठन रणनीति का उद्देश्य है – सूचना को अर्थपूर्ण बनाना
🧩 फ्रायड, बैंडुरा एवं रोजर्स
- फ्रायड के अनुसार व्यक्तित्व विकास आधारित है – मनोलैंगिक अवस्थाओं पर
- ओरल अवस्था की विशेषता है – मुख संतुष्टि
- फालिक अवस्था में ओडीपस ग्रंथि पाई जाती है – बालकों में
- रक्षा युक्तियाँ कार्य करती हैं – अचेतन स्तर पर
- प्रक्षेपण का अर्थ है – अपनी भावना दूसरों पर थोपना
- प्रतिगमन का अर्थ है – पूर्व अवस्था में लौटना
- दमन सबसे मूल रक्षा युक्ति है – फ्रायड के अनुसार
- फ्रायड के अनुसार चिंता उत्पन्न होती है – अहं पर दबाव से
- तर्कसंगतीकरण का उद्देश्य होता है – आत्मसम्मान की रक्षा
- बैंडुरा के अनुसार अधिगम हो सकता है – बिना प्रत्यक्ष पुनर्बलन
- स्व-प्रभाविता (Self-efficacy) की अवधारणा दी – बैंडुरा
- उच्च स्व-प्रभाविता से बढ़ती है – उपलब्धि
- मानसिक स्वास्थ्य का मानवतावादी दृष्टिकोण दिया – रोजर्स ने
- बिना शर्त सकारात्मक स्वीकृति का महत्व बताया – रोजर्स ने
- Dyscalculia संबंधित है – गणितीय कठिनाई से
- Dysgraphia संबंधित है – लेखन कठिनाई से
- समावेशी कक्षा में सर्वाधिक उपयुक्त रणनीति है – विभेदित शिक्षण
🏆 Top 30 अतिमहत्वपूर्ण One Liner प्रश्न
- IQ = MA/CA × 100 सूत्र का प्रतिपादन किया – टरमन ने
- निकटवर्ती विकास क्षेत्र (ZPD) की अवधारणा दी – वायगोत्स्की
- संरक्षण (Conservation) की अवधारणा विकसित होती है – मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में
- शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धान्त का प्रतिपादन किया – पैवलॉव ने
- प्रचालन अनुबंधन सिद्धान्त के प्रवर्तक हैं – स्किनर
- सामाजिक अधिगम सिद्धान्त का प्रतिपादन किया – बैंडुरा
- नैतिक विकास का चरण सिद्धान्त दिया – कोहलबर्ग ने
- मनोसामाजिक विकास सिद्धान्त के प्रवर्तक हैं – एरिक एरिक्सन
- बहुबुद्धि सिद्धान्त का प्रतिपादन किया – हॉवर्ड गार्डनर
- अर्थपूर्ण अधिगम सिद्धान्त का प्रतिपादन किया – ऑसुबेल ने
- द्विकारक बुद्धि सिद्धान्त के प्रवर्तक हैं – स्पीयरमैन
- डिस्कवरी लर्निंग का समर्थन किया – ब्रूनर ने
- सर्पिल पाठ्यक्रम की अवधारणा दी – ब्रूनर ने
- मेटाकॉग्निशन की अवधारणा दी – फ्लैवेल ने
- स्व-प्रभाविता का विकास होता है – सफल अनुभवों से
- नैतिक विकास में न्याय पर बल दिया – कोहलबर्ग ने
- गिलिगन ने नैतिक विकास को जोड़ा – देखभाल नैतिकता से
- पहचान संकट प्रमुख है – किशोरावस्था में
- मनोसामाजिक संकटों का समाधान आवश्यक है – स्वस्थ व्यक्तित्व हेतु
- संज्ञानात्मक संघर्ष अधिगम को बढ़ाता है – रचनावादी दृष्टिकोण में
- सह-निर्माण की प्रक्रिया होती है – सामाजिक अंतःक्रिया द्वारा
- संतुलन पुनः स्थापित होता है – आत्मसात व समायोजन से
- एरिक्सन का सिद्धान्त फ्रायड से भिन्न है – सामाजिक बल पर जोर के कारण
- प्रत्यक्षीकरण अधिगम में प्रमुख भूमिका होती है – मॉडल की
- मॉडल की समानता बढ़ाती है – अनुकरण की संभावना
- विशिष्ट अधिगम अक्षमता में बुद्धि होती है – सामान्य या अधिक
- मानवतावादी दृष्टिकोण में शिक्षा का लक्ष्य है – आत्मसाक्षात्कार
- स्व-प्रभाविता प्रभावित करती है – लक्ष्य निर्धारण
- कोहलबर्ग का सिद्धान्त प्रभावित है – पियाजे से
- एरिक्सन के अनुसार प्रत्येक संकट का समाधान देता है – सद्गुण
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: CTET Child Pedagogy में किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं?
उत्तर: CTET Child Pedagogy में मुख्यतः मनोवैज्ञानिकों के सिद्धान्त, अधिगम सिद्धान्त, बुद्धि, नैतिक व संज्ञानात्मक विकास से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
प्रश्न 2: CTET Child Pedagogy के लिए कौन से मनोवैज्ञानिक सबसे महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर: पियाजे, वायगोत्स्की, कोहलबर्ग, एरिक्सन, स्किनर, बैंडुरा और ऑसुबेल सबसे महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक हैं।
प्रश्न 3: क्या One Liner प्रश्न CTET परीक्षा के लिए उपयोगी होते हैं?
उत्तर: हाँ, One Liner प्रश्न त्वरित पुनरावृत्ति और अवधारणात्मक स्पष्टता के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।
प्रश्न 4: CTET Child Pedagogy में Hard Level प्रश्न कैसे आते हैं?
उत्तर: Hard Level प्रश्न मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों, कथन आधारित प्रश्नों और अवधारणा-आधारित अनुप्रयोग पर आधारित होते हैं।
प्रश्न 5: ZPD क्या होता है?
उत्तर: ZPD (Zone of Proximal Development) वायगोत्स्की की अवधारणा है जो बालक की वर्तमान क्षमता और संभावित क्षमता के बीच के अंतर को दर्शाती है।