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हिंदी व्याकरण - सम्पूर्ण मार्गदर्शिका

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हिंदी व्याकरण

सम्पूर्ण मार्गदर्शिका
संधि
समास
मुहावरे
लोकोक्तियाँ

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अध्याय 1 : संधि

परिभाषा

दो निकटवर्ती वर्णों के मेल से जो विकार (परिवर्तन) होता है, उसे संधि कहते हैं। संधि शब्द का अर्थ है — मेल या जोड़। जब दो शब्द पास-पास आते हैं तो उनके मिलने से उच्चारण में परिवर्तन होता है।

संधि के प्रकार
संधि का प्रकारपरिभाषाउदाहरण
स्वर संधिदो स्वरों के मेल से होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं।विद्या + आलय = विद्यालय
व्यंजन संधिव्यंजन के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाला विकार।जगत् + नाथ = जगन्नाथ
विसर्ग संधिविसर्ग (:) के बाद स्वर या व्यंजन आने पर होने वाला विकार।मन: + रथ = मनोरथ
स्वर संधि के भेद
भेदनियमउदाहरण
दीर्घ संधिअ/आ + अ/आ = आ; इ/ई + इ/ई = ई; उ/ऊ + उ/ऊ = ऊराम + अवतार = रामावतार; गिरि + ईश = गिरीश
गुण संधिअ/आ + इ/ई = ए; अ/आ + उ/ऊ = ओ; अ/आ + ऋ = अर्देव + इंद्र = देवेंद्र; महा + उत्सव = महोत्सव
वृद्धि संधिअ/आ + ए/ऐ = ऐ; अ/आ + ओ/औ = औएक + एक = एकैक; महा + औषध = महौषध
यण संधिइ/ई + असमान स्वर = य्; उ/ऊ + असमान = व्; ऋ + असमान = र्यदि + अपि = यद्यपि; मधु + अरि = मध्वरि
अयादि संधिए/ऐ/ओ/औ + कोई स्वर = अय/आय/अव/आवने + अन = नयन; पो + अन = पवन
संधि-विच्छेद के प्रमुख उदाहरण
संधि शब्दविच्छेदसंधि का प्रकार
परमात्मापरम + आत्मादीर्घ संधि
सूर्यास्तसूर्य + अस्तदीर्घ संधि
नयनने + अनअयादि संधि
महोत्सवमहा + उत्सवगुण संधि
जगन्नाथजगत् + नाथव्यंजन संधि
मनोबलमन: + बलविसर्ग संधि
नीरसनि: + रसविसर्ग संधि
सदाचारसत् + आचारव्यंजन संधि

अध्याय 2 : समास

परिभाषा

दो या दो से अधिक शब्दों का मिलकर एक नया सार्थक शब्द बनाना समास कहलाता है। समास में शब्दों के बीच की विभक्ति (परसर्ग) लुप्त हो जाती है। समास के विपरीत क्रिया को विग्रह कहते हैं।

समास के प्रकार
समासप्रमुख पहचानउदाहरण
अव्ययीभावपहला पद अव्यय; पूरा पद अव्यय की तरह कार्य करता है।यथाशक्ति, आजन्म, प्रतिदिन
तत्पुरुषदूसरा पद प्रधान; विभक्ति लुप्त होती है।राजपुत्र, देशभक्ति, धनहीन
कर्मधारयदोनों पद समान विभक्ति में; एक पद विशेषण/उपमान।नीलकमल, महाराज, चंद्रमुख
द्विगुपहला पद संख्यावाचक विशेषण; समूह का बोध।त्रिभुज, सप्ताह, नवग्रह
द्वंद्वदोनों पद प्रधान; और/या/अथवा से जुड़े।माता-पिता, राम-लक्ष्मण, सुख-दु:ख
बहुव्रीहिदोनों पद गौण; किसी अन्य का विशेषण बनते हैं।नीलकंठ, लंबोदर, चतुर्भुज
तत्पुरुष समास के भेद
भेदविभक्तिउदाहरणविग्रह
कर्म तत्पुरुषकोग्रामगतग्राम को गया हुआ
करण तत्पुरुषसे/के द्वारामनमानामन से माना
संप्रदान तत्पुरुषके लिएरसोईघररसोई के लिए घर
अपादान तत्पुरुषसे (अलग)देशनिकालादेश से निकाला
संबंध तत्पुरुषका/के/कीराजपुत्रराजा का पुत्र
अधिकरण तत्पुरुषमें/परग्रामवासग्राम में वास
समास के महत्वपूर्ण उदाहरण (विग्रह सहित)
समस्त पदविग्रहसमास का भेद
यथासंभवसंभव के अनुसारअव्ययीभाव
प्रतिवर्षप्रत्येक वर्षअव्ययीभाव
चौराहाचार राहों का समाहारद्विगु
पंचतंत्रपाँच तंत्रों का समूहद्विगु
नीलकमलनीला है जो कमलकर्मधारय
महादेवमहान हैं जो देवकर्मधारय
दशमुखदश हैं मुख जिसके — रावणबहुव्रीहि
गजाननगज का आनन है जिसका — गणेशबहुव्रीहि
माँ-बापमाँ और बापद्वंद्व
देशभक्तिदेश की भक्तितत्पुरुष (संबंध)

अध्याय 3 : मुहावरे

परिभाषा

वे वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ में प्रयुक्त होते हैं, मुहावरे कहलाते हैं। मुहावरों का प्रयोग भाषा को रोचक, प्रभावशाली और सजीव बनाता है।

मुहावरों की विशेषताएँ
  • मुहावरों का अर्थ शाब्दिक नहीं बल्कि लाक्षणिक होता है।
  • मुहावरे अपरिवर्तनीय होते हैं — इनके शब्दों में परिवर्तन नहीं किया जा सकता।
  • मुहावरे वाक्यांश होते हैं, पूर्ण वाक्य नहीं।
  • मुहावरों का प्रयोग वाक्य में क्रिया की तरह होता है।
महत्वपूर्ण मुहावरे — अर्थ एवं वाक्य प्रयोग
अँगूठा दिखाना
अर्थ: मना करना, धोखा देना
वाक्य: जब रमेश ने पैसे माँगे, तो मित्र ने अँगूठा दिखा दिया।
आँखें चुराना
अर्थ: सामने न आना, शर्मिंदा होना
वाक्य: गलती करने के बाद वह सबसे आँखें चुराता फिरता है।
आँख का तारा
अर्थ: अत्यंत प्रिय
वाक्य: वह अपने माता-पिता की आँख का तारा है।
आस्तीन का साँप
अर्थ: विश्वासघाती मित्र
वाक्य: वह मेरा मित्र नहीं, आस्तीन का साँप निकला।
कान भरना
अर्थ: चुगली करना, भड़काना
वाक्य: उसने मालिक के कान भरकर मुझे निकलवा दिया।
घी के दिये जलाना
अर्थ: खुशी मनाना
वाक्य: प्रथम आने पर घर में घी के दिये जलाए गए।
टेढ़ी खीर
अर्थ: कठिन काम
वाक्य: IAS परीक्षा पास करना टेढ़ी खीर है।
नाक में दम करना
अर्थ: बहुत परेशान करना
वाक्य: बच्चों ने माँ की नाक में दम कर दिया।
पानी-पानी होना
अर्थ: बहुत लज्जित होना
वाक्य: झूठ पकड़े जाने पर वह पानी-पानी हो गया।
बाल की खाल निकालना
अर्थ: छोटी बातों में दोष निकालना
वाक्य: वह हर बात में बाल की खाल निकालता है।
मक्खन लगाना
अर्थ: चापलूसी करना
वाक्य: वह अफसर को मक्खन लगाकर काम निकालता है।
लोहे के चने चबाना
अर्थ: बहुत कठिन काम करना
वाक्य: इस प्रतियोगिता में जीतना लोहे के चने चबाना है।
हाथ मलना
अर्थ: पछताना
वाक्य: अवसर खो देने पर बाद में हाथ मलते रह जाओगे।
दाँत खट्टे करना
अर्थ: हरा देना, पस्त करना
वाक्य: भारतीय सेना ने दुश्मन के दाँत खट्टे कर दिए।
नमक-मिर्च लगाना
अर्थ: बढ़ा-चढ़ाकर बताना
वाक्य: उसने नमक-मिर्च लगाकर झगड़ा बढ़ा दिया।
चाँदी काटना
अर्थ: खूब लाभ कमाना
वाक्य: त्योहारों में दुकानदार चाँदी काटते हैं।
उँगली उठाना
अर्थ: दोष लगाना, आलोचना करना
वाक्य: ईमानदार व्यक्ति पर कोई उँगली नहीं उठा सकता।
अपना उल्लू सीधा करना
अर्थ: स्वार्थ सिद्ध करना
वाक्य: वह हर काम में अपना उल्लू सीधा करना जानता है।

अध्याय 4 : लोकोक्तियाँ

परिभाषा

लोक में प्रचलित वे कहावतें जो किसी विशेष अनुभव, सत्य या सीख को व्यक्त करती हैं, लोकोक्तियाँ कहलाती हैं। इन्हें कहावत, प्रवाद या सूक्ति भी कहते हैं।

मुहावरे और लोकोक्ति में अंतर
आधारमुहावरालोकोक्ति
रूपवाक्यांश होता हैपूर्ण वाक्य होती है
अर्थलाक्षणिक अर्थ देता हैप्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष शिक्षा देती है
प्रयोगवाक्य का अंग बनता हैस्वतंत्र रूप से प्रयुक्त होती है
महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ — अर्थ एवं प्रयोग
अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता
अर्थ: अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता।
वाक्य: आंदोलन के लिए एकता जरूरी है।
अंधे की लाठी
अर्थ: एकमात्र सहारा।
वाक्य: बुढ़ापे में बेटा ही अंधे की लाठी होता है।
आम के आम गुठलियों के दाम
अर्थ: दोहरा लाभ उठाना।
वाक्य: पर्यटन से पैसा भी मिला, अनुभव भी।
ऊँची दुकान फीका पकवान
अर्थ: दिखावा अधिक, काम कम।
वाक्य: इस होटल में ऊँची दुकान फीका पकवान वाली बात है।
घर का भेदी लंका ढाए
अर्थ: आपसी फूट से विनाश होता है।
वाक्य: घर की बातें बाहर न करें।
नाच न जाने आँगन टेढ़ा
अर्थ: काम न आने पर बहाने बनाना।
वाक्य: परीक्षा में फेल होने पर प्रश्नपत्र को दोष देना।
भूखे भजन न होय गोपाला
अर्थ: भूखे पेट कोई काम नहीं होता।
वाक्य: पहले खाना खाओ, फिर पढ़ाई करना।
मन चंगा तो कठौती में गंगा
अर्थ: मन पवित्र हो तो सब जगह ईश्वर है।
वाक्य: पाखंड से अच्छा है सच्चा मन।
सौ सुनार की एक लुहार की
अर्थ: एक कड़ी चोट सौ हल्की चोटों से अधिक कारगर।
वाक्य: एक बार की सटीक मेहनत से काम पूरा हो गया।
होनहार बिरवान के होत चिकने पात
अर्थ: प्रतिभावान बचपन से अलग दिखता है।
वाक्य: बचपन से ही उसकी लेखनी कमाल की थी।
अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत
अर्थ: अवसर बीत जाने के बाद पछताना व्यर्थ है।
वाक्य: परीक्षा के बाद रोने से क्या लाभ।
उलटे बाँस बरेली को
अर्थ: मूर्खतापूर्ण काम करना।
वाक्य: कोयला खदान वाले को कोयला बेचना।
बिन माँगे मोती मिले माँगे मिले न भीख
अर्थ: समय पर मदद बिना माँगे मिल जाती है।
वाक्य: जब उसे जरूरत थी, मित्र ने स्वयं मदद की।

पुनरावृत्ति एवं महत्वपूर्ण बिंदु

त्वरित पुनरावृत्ति सारणी
विषयपरिभाषा का सारप्रकारस्मरण बिंदु
संधिदो वर्णों का मेल3 (स्वर, व्यंजन, विसर्ग)संधि-विच्छेद में + से जोड़ें
समासशब्दों का संक्षिप्त मेल6 प्रकारविग्रह में विभक्ति वापस आती है
मुहावरेलाक्षणिक अर्थ वाले वाक्यांशअनगिनतवाक्यांश = पूर्ण वाक्य नहीं
लोकोक्तियाँअनुभव पर आधारित कहावतअनगिनतस्वतंत्र पूर्ण वाक्य होती हैं
परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण संकेत
📌 संधि में: स्वर + स्वर → स्वर संधि; व्यंजन + कुछ भी → व्यंजन संधि; विसर्ग → विसर्ग संधि।
📌 समास में: "के लिए, का, में, को" आदि परसर्ग लुप्त होते हैं।
📌 बहुव्रीहि vs कर्मधारय: बहुव्रीहि में तीसरे की विशेषता, कर्मधारय में स्वयं की।
📌 मुहावरे सदैव क्रिया रूप में प्रयोग होते हैं — जैसे "नाक में दम करना"।
📌 लोकोक्तियाँ पूर्ण वाक्य हैं और अपने-आप में पूर्ण अर्थ देती हैं।
📌 दीर्घ संधि: दोनों स्वर एक ही प्रकार के हों (अ+अ, इ+इ, उ+उ)।
📌 द्विगु vs बहुव्रीहि: द्विगु में संख्या का समाहार, बहुव्रीहि में तीसरे की विशेषता।
📌 मुहावरे और लोकोक्तियों को अर्थ सहित याद करें और वाक्य में प्रयोग करके अभ्यास करें।
अभ्यास प्रश्न
#प्रश्नउत्तर
1महर्षि का संधि-विच्छेद करेंमहा + ऋषि (गुण संधि)
2'नीलकंठ' किस समास का उदाहरण है?बहुव्रीहि समास
3"टोपी उछालना" मुहावरे का अर्थ क्या है?अपमानित करना
4'यथाशक्ति' में कौन-सा समास है?अव्ययीभाव समास
5"नयन" का संधि-विच्छेद करेंने + अन (अयादि संधि)
6द्वंद्व समास का एक उदाहरण देंमाता-पिता (माता और पिता)

यह सामग्री हिंदी भाषा के अध्ययन हेतु तैयार की गई है।
परिश्रम + अभ्यास = सफलता 🌟

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