CTET, UPTET और Super TET के लिए बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा के 20 महत्वपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्न और उत्तर।
बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। CTET, UPTET, Super TET और SSC परीक्षाओं में इस विषय से जुड़े कई प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ दिए गए 20 महत्वपूर्ण MCQ आपकी परीक्षा की तैयारी में मदद करेंगे।
सभी प्रश्नों की उत्तर कुंजी देखें
प्रश्न 1: प्रगतिशील शिक्षा का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: जॉन डीवी
जॉन डीवी को प्रगतिशील शिक्षा का जनक माना जाता है जिन्होंने शिक्षा में आधुनिक बदलाव किए।
प्रश्न 2: बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया का मुख्य केंद्र कौन होता है?
उत्तर: बालक
बाल-केंद्रित शिक्षा में संपूर्ण शिक्षण प्रक्रिया का केंद्र बालक होता है।
प्रश्न 3: जॉन डीवी ने शिक्षा में किस अवधारणा पर सबसे अधिक बल दिया?
उत्तर: करके सीखना
जॉन डीवी ने 'करके सीखना' यानी Learning by Doing की अवधारणा को बढ़ावा दिया।
प्रश्न 4: प्रगतिशील शिक्षा में बच्चों को किस रूप में देखा जाता है?
उत्तर: सक्रिय अन्वेषक
प्रगतिशील शिक्षा के अनुसार बच्चे ज्ञान के निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं बल्कि सक्रिय अन्वेषक होते हैं।
प्रश्न 5: निम्न में से कौन सी विशेषता बाल-केंद्रित शिक्षा की नहीं है?
उत्तर: कठोर अनुशासन और रटना
कठोर अनुशासन और रटना बाल-केंद्रित शिक्षा के विपरीत है।
प्रश्न 6: जॉन डीवी द्वारा स्थापित लैब स्कूल का मुख्य उद्देश्य क्या था?
उत्तर: शैक्षणिक प्रयोग और करके सीखने को बढ़ावा देना
जॉन डीवी ने प्रयोगों के माध्यम से सीखने के लिए लैब स्कूल की अवधारणा दी।
प्रश्न 7: प्रगतिशील कक्षा कक्ष में वातावरण कैसा होना चाहिए?
उत्तर: लोकतांत्रिक
प्रगतिशील शिक्षा में सीखने के लिए एक लोकतांत्रिक कक्षा वातावरण पर बल दिया जाता है।
प्रश्न 8: बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षक की भूमिका कैसी होती है?
उत्तर: एक मार्गदर्शक या सुविधादाता की
बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षक बच्चों के मार्गदर्शक और सुविधादाता के रूप में कार्य करता है।
प्रश्न 9: प्रगतिशील शिक्षा में मूल्यांकन का मुख्य तरीका क्या होना चाहिए?
उत्तर: सतत और व्यापक मूल्यांकन
प्रगतिशील शिक्षा निरंतर सुधार और समझने की क्षमता के लिए सतत मूल्यांकन पर बल देती है।
प्रश्न 10: कक्षा में व्यक्तिगत भिन्नताओं का ध्यान रखने से क्या लाभ होता है?
उत्तर: प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमतानुसार सीखने का अवसर मिलता है
व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान करने से हर बच्चे की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार शिक्षण संभव होता है।
प्रश्न 11: प्रगतिशील शिक्षा में किस पर विशेष बल दिया जाता है?
उत्तर: समस्या समाधान और आलोचनात्मक चिंतन
प्रगतिशील शिक्षा समस्या समाधान और क्रिटिकल थिंकिंग यानी आलोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देती है।
प्रश्न 12: बाल-केंद्रित शिक्षा पाठ्यक्रम को कैसा होना चाहिए?
उत्तर: बालक की आयु, रुचि और क्षमता के अनुकूल
बाल-केंद्रित पाठ्यक्रम बच्चों की विकासात्मक अवस्था और रुचियों के अनुसार होना चाहिए।
प्रश्न 13: निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प प्रगतिशील शिक्षा की विशेषता को दर्शाता है?
उत्तर: लचीला समय-सारणी और बैठने की व्यवस्था
प्रगतिशील शिक्षा में लचीलापन और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी को महत्व दिया जाता है।
प्रश्न 14: अधिगम अनुभव की योजना बनाते समय शिक्षक को किसे ध्यान में रखना चाहिए?
उत्तर: बालक के पूर्व अनुभवों और रुचियों को
बाल-केंद्रित शिक्षा में बच्चों के पूर्व अनुभवों को उनके नए ज्ञान से जोड़ना महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रश्न 15: बाल-केंद्रित कक्षा की पहचान इनमें से किस से होती है?
उत्तर: आपसी चर्चा और गतिविधियों में व्यस्त बच्चे
बाल-केंद्रित कक्षा में बच्चे आपस में चर्चा करके और गतिविधियों द्वारा सीखते हैं।
प्रश्न 16: प्रगतिशील शिक्षा के संदर्भ में कौन सा कथन सही है?
उत्तर: शिक्षा जीवन के लिए है न कि केवल परीक्षा के लिए
प्रगतिशील शिक्षा मानती है कि विद्यालयीन अनुभव वास्तविक जीवन से जुड़े होने चाहिए।
प्रश्न 17: कक्षा में बच्चों को उनके अनुभवों के आधार पर सीखने का अवसर देने से क्या विकसित होता है?
उत्तर: सृजनात्मकता और स्वतंत्र सोच
अनुभवात्मक अधिगम से बच्चों में रचनात्मकता और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता विकसित होती है।
प्रश्न 18: किस प्रकार की शिक्षा प्रणाली में विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है?
उत्तर: बाल-केंद्रित एवं प्रगतिशील शिक्षा
प्रगतिशील और बाल-केंद्रित शिक्षा में जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की स्वतंत्रता पर बल दिया जाता है।
प्रश्न 19: जॉन डीवी के अनुसार विद्यालय को किसका एक रूप होना चाहिए?
उत्तर: एक लघु समाज का
जॉन डीवी ने विद्यालय को समाज का लघु रूप (Miniature Society) माना है जहाँ सामाजिक जीवन की सीख मिलती है।
प्रश्न 20: बाल-केंद्रित शिक्षा में शिक्षण विधियों का चयन किस आधार पर किया जाना चाहिए?
उत्तर: बालक की व्यक्तिगत भिन्नताओं और आवश्यकताओं
हर बच्चा अलग होता है, इसलिए शिक्षण विधियाँ बच्चों की व्यक्तिगत भिन्नताओं के अनुसार चुनी जाती हैं।