विधायी संशोधन तथा ब्रिटिश इंडिया एक्ट 1935 | भारत सरकार अधिनियम 1935 की मुख्य विशेषताएं

भारतीय लोक सेवा | आधुनिक इतिहास

विधायी संशोधन तथा ब्रिटिश इंडिया एक्ट, 1935

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भारत सरकार अधिनियम 1935 ब्रिटिश संसद द्वारा पास किया गया सबसे लंबा एवं विस्तृत आयामों वाला संविधानिक अधिनियम था। इसमें 321 धाराएं और 10 अनुसूचियाँ थीं। यह अधिनियम भारत के संविधानिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया।
🕐 विधायी संशोधनों का इतिहास
1773

रेगुलेटिंग एक्ट

ब्रिटिश संसद द्वारा पास पहला अधिनियम जिसने इस्ट इंडिया कंपनी पर संसदीय नियंत्रण स्थापित किया। कलकत्ता में सुप्रीम कोर्ट की स्थापना की गई।

1784

पिट्स इंडिया एक्ट

बोर्ड ऑफ कंट्रोल का गठन किया गया। नागरिक और सैन्य शरकतों का अलगीकरण हुआ।

1833

चार्टर एक्ट

इस्ट इंडिया कंपनी का व्यापार समाप्त हुआ, गवर्नर-जनरल सछित मध्य विधायी परिषद बनाई गई। भारत में कानून बनाने का यह पहला प्रयास था।

1858

भारत शासन अधिनियम

1857 के विद्रोह के बाद इस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त होकर भारत सीधे ब्रिटिश क्राून के अधीन आ गया। सेक्रेटरी ऑफ स्टेट का पद सृजित हुआ।

1861

भारतीय परिषद अधिनियम

विधान परिषदों में भारतीयों के लिए पहला सथान। ज्यायपालिका स्वतंत्रता की नींव रखी गई।

1909

मिंटो-मार्ले सुधार (मॉर्ले मिंटो एक्ट)

पहली बार पृथक निर्वाचन क्षेत्र जिसंने साम्प्रदायिक मतभेद की बिज बोइ। आरंभिक मताधिकार स्थापित हुए।

1919

मॉंटेगु-चेल्मसफोर्ड सुधार (भारत सरकार अधिनियम 1919)

द्वैध शासन (Dyarchy) लागू हुआ — प्रांतीय ऴेत्र पर सरकारी राजछि सधारण और असाधारण में बंटी। नरम मताधिकार लागू हुआ।

1935

भारत सरकार अधिनियम 1935 

सबसे विस्तृत अधिनियम। संशःए शासन, उत्तरदायित्वपूर्ण सरकार, संशोधित द्वैध शासन, संघीय न्यायालय और भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना हुई।

📄 भारत सरकार अधिनियम 1935 — मुख्य विशेषताएं
🏛️

अखिल भारतीय संघ

ब्रिटिश भारत स्वायत्त रियासतों से मिलकर फेडरेशन बनाने का प्रस्ताव था हालांकि यह संघ कभी मूर्त रूप नहीं ले सका।

⚖️

प्रांतों में उत्तरदायित्वपूर्ण सरकार

प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त हुआ और मंत्रिबंडों को सभी विषयों में उत्तरदायित्व दिया गया।

⚖️

केंद्र में द्वैध शासन

केंद्रीय स्तर पर वॉाइसराय द्वैध शासन लागू होना था, परंतु आपातकालीन शक्तियों के कारण यह कभी लागू नहीं हो सका।

⚖️

संघीय न्यायालय (Federal Court)

अक्टूबर 1937 में संघीय न्यायालय स्थापित हुआ जो बाद में उच्चतम न्यायालय बना।

🏭

भारतीय रिजर्व बैंक

अधिनियम आरबीआई (RBI) की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई। मुद्रा ं ऐवं साख् नीति का नियंत्रण राज्य से लेकर केंद्र को दिया गया।

🔢

तीन सूचियाँ (Three Lists)

संघीय सूची (59 विषय), राज्य सूची (54 विषय), और समवर्ती सूची (36 विषय) — यही व्यवस्था बाद में भारतीय संविधान में अपनाई गई।

📊 1919 आर 1935 आक्ट — तुलनात्मक अध्ययन
तुलना बिंदु मॉंटेगु-चेल्मसफोर्ड एक्ट 1919 भारत सरकार अधिनियम 1935
द्वैध शासन प्रांतीय स्तर पर केंद्रीय स्तर पर (लागू नहीं हो सका)
साम्राज्य मंत्रिमंडल 8 सदस्य उत्तरदायित्वपूर्ण सरकार का प्रावधान
विषयों का विभाजन दो सूचियाँ तीन सूचियाँ
राज्यपाल सीमित शक्तियाँ विस्तृत आपातकालीन शक्तियाँ
लोক सभा सीमित अधिकार द्विसदन युक्त जिला बोर्ड
बर्मा भारत का भाग 1937 से अलग (बर्मा सरकार अधिनियम 1935)
येंद्रीय बैंक नहीं रिजर्व बैंक की स्थापना 1935 में
💡 1935 एक्ट के महत्वपूर्ण आयाम — बिंदुवार समरण
  • 1
    इसमें 321 धाराएं और 10 अनुसूचियाँ थीं — ब्रिटिश संसद का सबसे लंबा अधिनियम।
  • 2
    बर्मा को भारत से अलग कर ऌसके लिए बर्मा सरकार अधिनियम 1935 बनाया गया।
  • 3
    संतुष्ट मताधिकार लागू हुआ — महिलाऔं को भी मताधिकार मिला।
  • 4
    संघीय राज्यलोক सेवा अेवं संघीय लोক सेवा आयोग की स्थापना।
  • 5
    संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना — जो बाद में उच्चतम न्यायालय बना।
  • 6
    वोट का अधिकार विस्तृत — अभी लगभग 14% जनसंख्या को मताधिकार मिला।
  • 7
    राज्यपालों को विशेष अधिकार दिए गए — संविधान से बाहर शासन करने की शक्ति।
  • 8
    राज्यों में द्विसदन विधानमंडल (Bicameral Legislature) की स्थापना हुई।
  • 9
    अधिनियम में संविधान संशोधन की शक्ति भारतीय विधायिकाएं को नहीं दी गई।
  • 10
    इस अधिनियम के यॉन्धी (Provisions) ही भारतीय संविधान 1950 का आधार बने।
भारत सरकार अधिनियम 1935 भारतीय संविधान का पितामह है। इसी से संविधान की आत्मा खींची गई है। — B.R. आम्बेडकर
🎯 1935 एक्ट का भारतीय संविधान पर प्रभाव
📚

संघीय व्यवस्था

तीन सूचियाँ (संघीय, राज्य ऐवं समवर्ती) अनित्य भारतीय संविधान की सातवीं अनुसूची बनी।

⚖️

उच्चतम न्यायालय

संघीय न्यायालय ही 1950 में उच्चतम न्यायालय बना, जिसके न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाई गई।

🏢

राज्यपाल संस्था

राज्यपाल की संस्था ऐवं उनकी शक्तियाँ भारतीय संविधान में अपनाई गई।

🌎

संघीय घटक

संविधान की संघीय रचना इसी एक्ट से ली गई — केंद्र बलशाली, राज्य सीमित।

💶

आरबीआई की स्वायत्तता

रिजर्व बैंक की स्वायत्त संरचना भारतीय संविधान में भी अपनाई गई।

👥

साम्राज्यवादी आलोचना

जवाहरलाल नेहरू ने इसे मॆसे टाईप कहा जिसमें केवल निराशा है और कुछ मांग है।

🎯 परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण तथ्य (UPTET / CTET / UPSC / SSC)

  • भारत सरकार अधिनियम 1935 में 321 धाराएं और 10 अनुसूचियाँ थीं।
  • आरबीआई (Reserve Bank of India) की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को इसी अधिनियम से हुई।
  • प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त हुआ ऐर उत्तरदायित्वपूर्ण सरकार लागू हुई।
  • संघीय न्यायालय (Federal Court) की स्थापना अक्टूबर 1937 में हुई।
  • 1935 एक्ट भारत के संविधान 1950 का मुख्य आधार (Major Source) था।
  • बर्मा सरकार अधिनियम 1935 भी इसी एक्ट का भाग था जो 1937 में अलग हुआ।
  • 1937 में राज्य विधानसभा चुनाव हुए जिसमें कांग्रेस ने 11 में से 7 राज्यों में सरकार बनाई।
  • इस एक्ट में संविधान संशोधन की शक्ति भारतीय विधायिका को नहीं दी गई थी।
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