संख्याओं के योग, वर्ग, घन व गुणनखंड के सूत्र — पूरा टॉपिक एक जगह
प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग, वर्गों का योग, घनों का योग, सम-विषम संख्याओं का योग तथा किसी संख्या के कुल गुणनखंड निकालने का सूत्र — हर सूत्र सरल भाषा में समझाया गया, हर सूत्र के साथ कम से कम 3 हल किए उदाहरण, याद रखने की ट्रिक और अंत में 30 अभ्यास MCQ उत्तर कुंजी सहित.
संख्याओं के योग, वर्ग, घन व गुणनखंड के सूत्र
यदि आप UP Assistant Teacher, SUPER TET, UPTET, CTET, DSSSB, KVS, NVS, Railway, SSC या Police जैसी किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह अध्याय आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. लगभग हर परीक्षा में प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग, वर्गों-घनों का योग, सम-विषम संख्याओं का योग तथा किसी संख्या के कुल गुणनखंडों की संख्या से जुड़े 2 से 5 प्रश्न सीधे पूछे जाते हैं. इन छह सूत्रों को यदि ठीक से समझ लिया जाए तो पूरा टॉपिक कुछ ही मिनटों में हल हो जाता है — बस शर्त यह है कि सूत्र रटने की बजाय समझे जाएँ.
★ प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग
परिभाषाप्राकृत संख्याएँ 1 से आरंभ होती हैं — 1, 2, 3, 4, 5, . . यदि 1 से लेकर n तक की सभी संख्याओं को एक-एक करके जोड़ना पड़े तो यह बहुत समय लेने वाला काम होगा. इसीलिए एक सीधा सूत्र प्रयोग किया जाता है, जिससे बड़ी से बड़ी संख्या का योग कुछ सेकंड में निकल जाता है.
सूत्रप्रथम 10 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : सूत्र = n(n+1)/2, यहाँ n = 10
योग = 10 × 11 ÷ 2
= 110 ÷ 2
योग = 55 Ans.
प्रथम 50 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 50
योग = 50 × 51 ÷ 2
= 25 × 51
योग = 1275 Ans.
प्रथम 100 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 100
योग = 100 × 101 ÷ 2
= 50 × 101
योग = 5050 Ans.
ध्यान दें : यह सूत्र केवल 1 से n तक के योग के लिए है. यदि प्रश्न "25 से 75 तक के योग" जैसा हो, तो पहले 1 से 75 तक का योग निकालें, फिर उसमें से 1 से 24 तक का योग घटा दें.
★ प्रथम n संख्याओं के वर्गों का योग
परिभाषाकई परीक्षाओं में सीधे पूछा जाता है — 1² + 2² + 3² + . . . + n² का योग कितना होगा? हर संख्या का वर्ग निकालकर जोड़ना समय बर्बाद करेगा, इसलिए यह सूत्र प्रयोग किया जाता है.
सूत्रप्रथम 5 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 5
योग = 5 × 6 × 11 ÷ 6
= 5 × 11
योग = 55 Ans.
जाँच : 1²+2²+3²+4²+5² = 1+4+9+16+25 = 55 ✓
प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 10
योग = 10 × 11 × 21 ÷ 6
योग = 385 Ans.
प्रथम 20 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 20
योग = 20 × 21 × 41 ÷ 6
योग = 2870 Ans.
प्रथम 15 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 15
योग = 15 × 16 × 31 ÷ 6
योग = 1240 Ans.
★ प्रथम n प्राकृत संख्याओं के घनों का योग
परिभाषायह अध्याय भी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है — 1³ + 2³ + 3³ + . . . + n³. यहाँ भी हर संख्या का घन अलग-अलग निकालने की ज़रूरत नहीं, सीधे सूत्र लगाया जाता है.
सूत्रप्रथम 5 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 5
योग = [5 × 6 ÷ 2]²
= (15)²
योग = 225 Ans.
जाँच : 1³+2³+3³+4³+5³ = 1+8+27+64+125 = 225 ✓
प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 10
योग = [10 × 11 ÷ 2]²
= 55²
योग = 3025 Ans.
प्रथम 15 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 15
योग = [15 × 16 ÷ 2]²
= 120²
योग = 14400 Ans.
★ प्रथम n सम व विषम संख्याओं का योग
परिभाषासम संख्याएँ वे होती हैं जो 2 से पूर्णतः विभाजित हो जाती हैं — 2, 4, 6, 8, 10 . . और विषम संख्याएँ वे होती हैं जो 2 से विभाजित नहीं होतीं — 1, 3, 5, 7, 9 . . दोनों के योग के लिए अलग-अलग सीधे सूत्र हैं.
सूत्रप्रथम 10 सम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 10, सूत्र = n(n+1)
योग = 10 × 11
योग = 110 Ans.
जाँच : 2+4+6+8+10+12+14+16+18+20 = 110 ✓
प्रथम 20 सम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 20
योग = 20 × 21
योग = 420 Ans.
प्रथम 10 विषम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 10, सूत्र = n²
योग = 10²
योग = 100 Ans.
जाँच : 1+3+5+7+9+11+13+15+17+19 = 100 ✓
प्रथम 25 विषम संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
हल : n = 25
योग = 25²
योग = 625 Ans.
★ किसी संख्या के कुल गुणनखंडों की संख्या
परिभाषायदि किसी संख्या को अभाज्य गुणनखंडों (prime factors) के रूप में लिख दिया जाए, तो उसके कुल गुणनखंड (factors) कितने हैं — यह बिना गिने ही सूत्र से निकाला जा सकता है.
सूत्र72 के कुल गुणनखंड ज्ञात कीजिए.
हल : 72 = 2³ × 3²
गुणनखंड = (3+1)(2+1)
= 4 × 3
गुणनखंड = 12 Ans.
360 के कुल गुणनखंड ज्ञात कीजिए.
हल : 360 = 2³ × 3² × 5¹
गुणनखंड = (3+1)(2+1)(1+1)
= 4 × 3 × 2
गुणनखंड = 24 Ans.
480 के कुल गुणनखंड ज्ञात कीजिए.
हल : 480 = 2⁵ × 3¹ × 5¹
गुणनखंड = (5+1)(1+1)(1+1)
= 6 × 2 × 2
गुणनखंड = 24 Ans.
108 के कुल गुणनखंड ज्ञात कीजिए.
हल : 108 = 2² × 3³
गुणनखंड = (2+1)(3+1)
= 3 × 4
गुणनखंड = 12 Ans.
| सूत्र | Shortcut |
|---|---|
| प्रथम n प्राकृत संख्याओं का योग | n(n+1) / 2 |
| प्रथम n वर्गों का योग | n(n+1)(2n+1) / 6 |
| प्रथम n घनों का योग | [n(n+1)/2]² |
| प्रथम n सम संख्याओं का योग | n(n+1) |
| प्रथम n विषम संख्याओं का योग | n² |
| कुल गुणनखंड | (p+1)(q+1)(r+1) |
नीचे दिए गए प्रश्न SUPER TET, UPTET, CTET एवं Assistant Teacher भर्ती परीक्षाओं के स्तर के अनुसार तैयार किए गए हैं और इसी अध्याय के सूत्रों पर आधारित हैं. पहले स्वयं हल करें, फिर नीचे दी गई उत्तर कुंजी से मिलान करें.
प्रथम 20 प्राकृत संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 30 प्राकृत संख्याओं का योग ज्ञात कीजिए.
प्रथम 15 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग होगा —
प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग कितना है?
प्रथम 5 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग होगा —
प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग है —
प्रथम 20 सम संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 25 सम संख्याओं का योग ज्ञात करें.
प्रथम 30 विषम संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 40 विषम संख्याओं का योग होगा —
यदि 72 = 2³ × 3² तो 72 के कुल गुणनखंडों की संख्या होगी —
यदि 108 = 2² × 3³ तो उसके कुल गुणनखंडों की संख्या है —
360 के कुल गुणनखंडों की संख्या होगी —
प्रथम 100 प्राकृत संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 50 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग कितना होगा?
प्रथम 25 प्राकृत संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 40 प्राकृत संख्याओं का योग होगा —
प्रथम 20 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग कितना है?
प्रथम 30 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग होगा —
प्रथम 15 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग कितना होगा?
प्रथम 20 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग होगा —
प्रथम 50 सम संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 75 सम संख्याओं का योग होगा —
प्रथम 25 विषम संख्याओं का योग कितना होगा?
प्रथम 100 विषम संख्याओं का योग होगा —
यदि 96 = 2⁵ × 3¹ तो उसके कुल गुणनखंडों की संख्या होगी —
यदि 540 = 2² × 3³ × 5¹ तो उसके कुल गुणनखंड होंगे —
यदि 180 = 2² × 3² × 5¹ तो कुल गुणनखंडों की संख्या होगी —
प्रथम 50 प्राकृत संख्याओं का योग कितना होगा?
निम्न में से कौन-सा सूत्र प्रथम n विषम संख्याओं के योग को व्यक्त करता है?