पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन के 30 MCQ | CDP UPTET July 2026 & CTET Sep 2026

पावलव के अनुबंधन सिद्धांत के 30 MCQ | UPTET July 2026 & CTET Sep 2026
📅 UPTET 2026 Exam: 2, 3 & 4 July 2026  |  🎯 CTET Sep 2026: 6 September 2026  |  📝 CDP से कुल प्रश्न: 30  

UPTET July 2026 और CTET September 2026 दोनों में पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत से हर परीक्षा में 2 से 4 प्रश्न जरूर पूछे जाते हैं। कुत्ते का प्रयोग, CS, UCS, CR, UCR, विलोपन (Extinction), सामान्यीकरण (Generalization) और विभेदीकरण (Discrimination) से सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। नीचे सभी 30 MCQ उत्तर और व्याख्या के साथ दिए गए हैं।

📚 Quick Revision — पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन की मुख्य अवधारणाएँ

अवधारणापरिभाषाउदाहरण (पावलव के प्रयोग में)
UCS (अनानुबंधित उद्दीपन)स्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया उत्पन्न करने वाला उद्दीपनभोजन (Meat Powder)
UCR (अनानुबंधित अनुक्रिया)UCS के प्रति स्वाभाविक प्रतिक्रियालार आना (Salivation)
CS (अनुबंधित उद्दीपन)UCS के साथ बार-बार जोड़ा गया तटस्थ उद्दीपनघंटी की आवाज (Bell)
CR (अनुबंधित अनुक्रिया)CS के प्रति सीखी हुई प्रतिक्रियाकेवल घंटी पर लार आना
विलोपन (Extinction)UCS के बिना CS दोहराने पर CR का धीरे-धीरे कम होनाबिना भोजन के घंटी बजाते रहने पर लार कम होना
स्वतःपुनर्लाभ (Spontaneous Recovery)विश्राम के बाद CR का फिर प्रकट होनाविलोपन के बाद कुछ समय बाद फिर से CR दिखना
सामान्यीकरण (Generalization)CS जैसे दूसरे उद्दीपनों पर भी CR होनाघंटी जैसी अन्य आवाज पर भी लार आना
विभेदीकरण (Discrimination)CS और CS जैसे उद्दीपनों में अंतर करना सीखनाकेवल विशेष घंटी पर लार, अन्य पर नहीं

🎯 MCQ प्रश्न 1 से 15 — व्याख्या सहित

प्रश्न 1

पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत किस पर आधारित प्रयोग से विकसित हुआ?

  • (A) बिल्ली और पहेली बक्से पर
  • (B) बंदर और केला प्रयोग पर
  • (C) कुत्ते और लार स्राव प्रयोग पर ✓
  • (D) चूहे और भूल-भुलैया पर
पावलव ने कुत्ते को भोजन देते समय घंटी बजाई। बार-बार दोहराने से कुत्ते ने केवल घंटी की आवाज पर ही लार टपकाना शुरू कर दिया — यही शास्त्रीय अनुबंधन है।
प्रश्न 2

पावलव के प्रयोग में "अनानुबंधित उद्दीपन" (UCS) क्या था?

  • (A) घंटी की आवाज
  • (B) प्रकाश
  • (C) भोजन (Meat Powder) ✓
  • (D) कुत्ते का पिंजरा
UCS = Unconditioned Stimulus = भोजन। यह स्वाभाविक रूप से (बिना किसी सीखे) लार (UCR) उत्पन्न करता है। इसे किसी प्रशिक्षण की जरूरत नहीं होती।
प्रश्न 3

पावलव के प्रयोग में "अनुबंधित उद्दीपन" (CS) क्या था?

  • (A) घंटी की आवाज ✓
  • (B) भोजन
  • (C) लार
  • (D) कुत्ते की भूख
CS = Conditioned Stimulus = घंटी। प्रारंभ में घंटी तटस्थ उद्दीपन (Neutral Stimulus) थी। UCS (भोजन) के साथ बार-बार जोड़े जाने पर यह CS बन गई।
प्रश्न 4

पावलव के प्रयोग में "अनुबंधित अनुक्रिया" (CR) क्या थी?

  • (A) भोजन देखकर लार आना
  • (B) केवल घंटी सुनकर लार आना ✓
  • (C) घंटी और भोजन दोनों पर लार आना
  • (D) घंटी पर भौंकना
CR = Conditioned Response = केवल घंटी (CS) सुनने पर लार टपकाना। यह सीखी हुई (Learned) अनुक्रिया है जो प्रशिक्षण के बाद विकसित हुई।
प्रश्न 5

पावलव किस देश के वैज्ञानिक थे?

  • (A) अमेरिका
  • (B) जर्मनी
  • (C) रूस ✓
  • (D) फ्रांस
इवान पेट्रोविच पावलव (1849–1936) रूसी शरीरविज्ञानी (Physiologist) थे। उन्हें 1904 में पाचन तंत्र पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार मिला। अनुबंधन उनकी आकस्मिक खोज थी।
प्रश्न 6

"विलोपन" (Extinction) से क्या तात्पर्य है?

  • (A) CR का हमेशा के लिए समाप्त होना
  • (B) UCS के बिना CS बार-बार देने पर CR का धीरे-धीरे कमजोर पड़ना ✓
  • (C) CS का प्रभाव बढ़ना
  • (D) UCS का कमजोर होना
विलोपन (Extinction) — जब भोजन (UCS) दिए बिना बार-बार केवल घंटी (CS) बजाई जाए, तो धीरे-धीरे कुत्ते की लार (CR) आनी बंद हो जाती है।
प्रश्न 7

"स्वतःपुनर्लाभ" (Spontaneous Recovery) का क्या अर्थ है?

  • (A) CR का पूरी तरह समाप्त होना
  • (B) UCS देने पर CR फिर आना
  • (C) विलोपन के बाद थोड़े विश्राम पर CR का अपने आप फिर से प्रकट होना ✓
  • (D) CS बदलने पर CR मजबूत होना
स्वतःपुनर्लाभ — विलोपन के बाद कुछ समय के विश्राम पर CR फिर प्रकट होती है। यह दिखाता है कि विलोपन CR को पूरी तरह नष्ट नहीं करता, केवल दबाता है।
प्रश्न 8

"सामान्यीकरण" (Generalization) का क्या अर्थ है?

  • (A) CS पर CR न होना
  • (B) CS जैसे अन्य उद्दीपनों पर भी CR होना ✓
  • (C) केवल CS पर CR होना
  • (D) UCS बदलने पर भी UCR होना
सामान्यीकरण — यदि कुत्ते को घंटी (CS) पर प्रशिक्षित किया गया हो, तो घंटी जैसी अन्य आवाजों (जैसे बजर, बेल) पर भी लार आने लगती है।
प्रश्न 9

"विभेदीकरण" (Discrimination) किसे कहते हैं?

  • (A) दो उद्दीपनों में से दोनों पर CR होना
  • (B) CS और CS जैसे अन्य उद्दीपनों में अंतर पहचानकर केवल CS पर CR करना ✓
  • (C) सभी उद्दीपनों पर CR होना
  • (D) CR का धीरे-धीरे समाप्त होना
विभेदीकरण — प्रशिक्षण के द्वारा प्राणी सीखता है कि केवल विशेष CS (जैसे एक विशेष घंटी) पर ही CR (लार) आए, अन्य समान उद्दीपनों पर नहीं।
प्रश्न 10

पावलव के सिद्धांत को किस नाम से जाना जाता है?

  • (A) क्रिया-प्रसूत अनुबंधन
  • (B) प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत
  • (C) शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) ✓
  • (D) अंतर्दृष्टि सिद्धांत
पावलव के सिद्धांत को "शास्त्रीय अनुबंधन" (Classical Conditioning) या "अनुक्रिया अनुबंधन" (Respondent Conditioning) भी कहते हैं। यह अनैच्छिक/reflexive अनुक्रियाओं पर आधारित है।
प्रश्न 11

पावलव के प्रयोग में प्रारंभ में घंटी बजाने पर कुत्ते में क्या होता था?

  • (A) लार आती थी
  • (B) कुत्ता भौंकता था
  • (C) कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं होती थी — घंटी तटस्थ उद्दीपन थी ✓
  • (D) कुत्ता भोजन ढूँढने लगता था
अनुबंधन से पहले घंटी एक तटस्थ उद्दीपन (Neutral Stimulus) थी — उसपर कोई विशेष प्रतिक्रिया नहीं होती थी। UCS के साथ जोड़ने के बाद वह CS बन गई।
प्रश्न 12

पावलव के अनुबंधन में CS और UCS को कितने समय के अंतर पर प्रस्तुत करना सबसे प्रभावी होता है?

  • (A) CS के कई घंटे बाद UCS देना
  • (B) CS के लगभग आधे सेकंड बाद UCS देना ✓
  • (C) पहले UCS, फिर CS देना
  • (D) CS और UCS एक साथ कभी न देना
शोध से पता चला कि CS प्रस्तुत करने के लगभग 0.5 सेकंड बाद UCS देना सबसे प्रभावी अनुबंधन उत्पन्न करता है। अधिक अंतराल होने पर अनुबंधन कमजोर पड़ता है।
प्रश्न 13

पावलव के सिद्धांत का शिक्षा में "भय और चिंता" के संदर्भ में क्या महत्व है?

  • (A) भय सिखाने में कोई भूमिका नहीं
  • (B) केवल सकारात्मक व्यवहार सिखाने में उपयोगी
  • (C) बच्चों में परीक्षा भय, विद्यालय भय जैसी conditioned fear responses समझाने में उपयोगी ✓
  • (D) भय दूर करने में यह सिद्धांत काम नहीं करता
यदि किसी बच्चे को परीक्षा के समय बुरा अनुभव हुआ हो, तो परीक्षा (CS) से चिंता (CR) हो सकती है। यह पावलव के अनुबंधन का उदाहरण है। Systematic Desensitization इसी पर आधारित है।
प्रश्न 14

पावलव को नोबेल पुरस्कार किस क्षेत्र में और कब मिला?

  • (A) मनोविज्ञान में, 1910 में
  • (B) शरीरविज्ञान/चिकित्सा में, 1904 में ✓
  • (C) रसायन विज्ञान में, 1900 में
  • (D) भौतिक विज्ञान में, 1905 में
पावलव को 1904 में पाचन तंत्र की ग्रंथियों पर शोध के लिए नोबेल पुरस्कार (शरीरविज्ञान/चिकित्सा) मिला। अनुबंधन की खोज इसी शोध के दौरान हुई।
प्रश्न 15

पावलव और थॉर्नडाइक के सिद्धांतों में मुख्य अंतर क्या है?

  • (A) दोनों में कोई अंतर नहीं
  • (B) पावलव में अनैच्छिक/reflexive अनुक्रियाएँ, थॉर्नडाइक में ऐच्छिक क्रियाएँ (Voluntary Actions) ✓
  • (C) पावलव का सिद्धांत मनुष्यों पर और थॉर्नडाइक का जानवरों पर
  • (D) थॉर्नडाइक का सिद्धांत अधिक पुराना है
पावलव = Classical Conditioning — पहले से मौजूद अनैच्छिक अनुक्रियाएँ (जैसे लार, हृदय गति)। थॉर्नडाइक = Instrumental Learning — ऐच्छिक कार्य जो परिणाम पाने के लिए किए जाते हैं।

🎯 MCQ प्रश्न 16 से 30 — व्याख्या सहित

प्रश्न 16

एक बच्चे को इंजेक्शन लगवाने के समय दर्द हुआ। अब वह डॉक्टर की सफेद कोट देखकर ही रोने लगता है — यह किसका उदाहरण है?

  • (A) थॉर्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि
  • (B) पावलव का शास्त्रीय अनुबंधन ✓
  • (C) स्किनर का क्रिया-प्रसूत अनुबंधन
  • (D) कोहलर का अंतर्दृष्टि सिद्धांत
इंजेक्शन (UCS) → दर्द/रोना (UCR)। सफेद कोट (CS) + इंजेक्शन → बार-बार जोड़ने से। अब सफेद कोट (CS) देखकर रोना (CR) — यह शास्त्रीय अनुबंधन का उत्तम उदाहरण है।
प्रश्न 17

एक छात्र किसी विशेष शिक्षक के कक्षा में आते ही घबरा जाता है क्योंकि वह शिक्षक हमेशा डाँटता था — यह किसका उदाहरण है?

  • (A) प्रयास एवं त्रुटि
  • (B) अंतर्दृष्टि
  • (C) शास्त्रीय अनुबंधन (Classical Conditioning) ✓
  • (D) सामाजिक अधिगम
शिक्षक (CS) + डाँट/दंड (UCS) → घबराहट (UCR) → अनुबंधन के बाद केवल शिक्षक को देखकर (CS) घबराहट (CR)। यह conditioned fear का उदाहरण है।
प्रश्न 18

पावलव के सिद्धांत पर आधारित "Systematic Desensitization" का उपयोग किसमें होता है?

  • (A) गणित सिखाने में
  • (B) भय और फोबिया (Phobia) दूर करने में ✓
  • (C) स्मृति विकसित करने में
  • (D) भाषा सीखने में
Systematic Desensitization (व्यवस्थित असंवेदनशीलता) — पावलव के विलोपन और counter-conditioning पर आधारित। भय उत्पन्न करने वाले CS को धीरे-धीरे सुखद परिस्थितियों के साथ जोड़कर फोबिया दूर किया जाता है।
प्रश्न 19

पावलव के सिद्धांत में "उच्चतर क्रम अनुबंधन" (Higher Order Conditioning) क्या है?

  • (A) UCS को बार-बार देना
  • (B) एक स्थापित CS को नए तटस्थ उद्दीपन के साथ जोड़कर नया अनुबंधन बनाना ✓
  • (C) CR को UCS बनाना
  • (D) विलोपन के बाद CR फिर आना
उच्चतर क्रम अनुबंधन — जब घंटी (CS1) के साथ प्रकाश (नया तटस्थ उद्दीपन) जोड़ा जाए, तो अंततः प्रकाश भी CR उत्पन्न करने लगता है। यह CS1 पर आधारित नया अनुबंधन है।
प्रश्न 20

पावलव के अनुबंधन में विद्यालय घंटी (Bell) बजने पर छात्र किताबें बंद करने लगते हैं — यह किसका उदाहरण है?

  • (A) क्रिया-प्रसूत अनुबंधन
  • (B) शास्त्रीय अनुबंधन ✓
  • (C) प्रयास एवं त्रुटि
  • (D) अंतर्दृष्टि सिद्धांत
विद्यालय घंटी (CS) + छुट्टी का समय (UCS) → किताबें बंद करना (UCR/CR)। अनुबंधन के बाद घंटी बजते ही छात्र स्वाभाविक रूप से किताबें बंद करने लगते हैं।
प्रश्न 21

पावलव का सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक संप्रदाय से संबंधित है?

  • (A) मानवतावाद (Humanism)
  • (B) संज्ञानात्मक मनोविज्ञान
  • (C) व्यवहारवाद (Behaviourism) ✓
  • (D) मनोविश्लेषण (Psychoanalysis)
पावलव का सिद्धांत व्यवहारवाद (Behaviourism) का आधार बना। व्यवहारवाद में केवल देखे जा सकने वाले व्यवहार का अध्ययन होता है — मन या चेतना का नहीं।
प्रश्न 22

पावलव के सिद्धांत की प्रमुख आलोचना क्या है?

  • (A) इसमें प्रयोग नहीं किए गए
  • (B) यह केवल अनैच्छिक/reflexive अनुक्रियाओं तक सीमित है; ऐच्छिक व्यवहार और संज्ञानात्मक प्रक्रियाओं की उपेक्षा करता है ✓
  • (C) इसमें CS और UCS का कोई संबंध नहीं
  • (D) यह केवल मनुष्यों पर लागू होता है
पावलव के सिद्धांत की आलोचना — यह केवल reflexive/involuntary responses तक सीमित है। मानव व्यवहार में संज्ञान, भावना और ऐच्छिक क्रियाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका है जिसे यह सिद्धांत नजरअंदाज करता है।
प्रश्न 23

पावलव के सिद्धांत पर आधारित "Aversion Therapy" का उपयोग किसमें होता है?

  • (A) स्मृति विकसित करने में
  • (B) गणित की समझ बढ़ाने में
  • (C) नशे की लत, धूम्रपान जैसी बुरी आदतें छुड़ाने में ✓
  • (D) भाषा सीखने में
Aversion Therapy — हानिकारक उद्दीपन (जैसे शराब = CS) के साथ अप्रिय उद्दीपन (जैसे मतली उत्पन्न करने वाली दवा = UCS) जोड़ी जाती है ताकि शराब से अप्रिय CR (मतली) हो और व्यक्ति उससे दूर हो।
प्रश्न 24

पावलव के सिद्धांत में "सामान्यीकरण" (Generalization) का शिक्षा में क्या उदाहरण है?

  • (A) छात्र केवल एक विशेष शिक्षक से सीखता है
  • (B) यदि बच्चे का एक शिक्षक के प्रति नकारात्मक अनुभव हो, तो वह सभी शिक्षकों से डरने लगे ✓
  • (C) छात्र परीक्षा में अच्छा करता है
  • (D) गणित सीखने पर भाषा भी सुधरती है
सामान्यीकरण — एक CS (कठोर शिक्षक) पर conditioned fear का CS जैसे उद्दीपनों (अन्य शिक्षक, विद्यालय) पर भी सामान्यीकृत हो जाना। इससे School Phobia जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
प्रश्न 25

पावलव के सिद्धांत में अनुबंधन के लिए सबसे जरूरी शर्त क्या है?

  • (A) UCS को CS से पहले देना
  • (B) CS और UCS को बार-बार साथ-साथ (contiguous) प्रस्तुत करना ✓
  • (C) CR के बाद UCS देना
  • (D) CS को अकेले बार-बार देना
अनुबंधन के लिए सबसे जरूरी है — CS और UCS की सन्निकटता (Contiguity) यानी दोनों को लगभग साथ-साथ बार-बार प्रस्तुत करना। इससे दोनों के बीच संघ (Association) बनता है।
प्रश्न 26

NCF 2005 के संदर्भ में पावलव के सिद्धांत का क्या महत्व है?

  • (A) बच्चों को दंड देने का समर्थन
  • (B) रटकर सीखने पर बल
  • (C) विद्यालय में सकारात्मक और भय-मुक्त वातावरण बनाना ताकि नकारात्मक अनुबंधन न हो ✓
  • (D) केवल संज्ञानात्मक विकास
NCF 2005 — "Learning Without Burden" और भय-मुक्त कक्षा वातावरण। पावलव का सिद्धांत बताता है कि नकारात्मक अनुभव विद्यालय/विषय से conditioned fear उत्पन्न कर सकते हैं। अतः सकारात्मक वातावरण आवश्यक है।
प्रश्न 27

पावलव के सिद्धांत में "Trace Conditioning" क्या है?

  • (A) CS और UCS साथ-साथ देना
  • (B) UCS पहले, CS बाद में देना
  • (C) CS देने के कुछ समय बाद UCS देना जब CS समाप्त हो चुकी हो ✓
  • (D) CS और UCS एक साथ समाप्त होना
Trace Conditioning — CS प्रस्तुत की जाती है और समाप्त होने के बाद (trace छोड़ती है) UCS दी जाती है। इसमें अनुबंधन अपेक्षाकृत कमजोर होता है।
प्रश्न 28

पावलव के सिद्धांत में "Backward Conditioning" क्यों कम प्रभावी होती है?

  • (A) क्योंकि UCS बहुत शक्तिशाली होती है
  • (B) क्योंकि UCS को CS से पहले देने पर CS को UCS का संकेत देने का अवसर नहीं मिलता ✓
  • (C) क्योंकि CS और UCS एक साथ दी जाती हैं
  • (D) क्योंकि विलोपन जल्दी होता है
Backward Conditioning — UCS पहले, CS बाद में। इसमें अनुबंधन बहुत कम होता है क्योंकि CS, UCS के आने का संकेत (Signal) नहीं दे पाती।
प्रश्न 29

पावलव के सिद्धांत और स्किनर के सिद्धांत में मुख्य अंतर क्या है?

  • (A) दोनों एक ही हैं
  • (B) पावलव का सिद्धांत जानवरों पर और स्किनर का मनुष्यों पर
  • (C) पावलव में अनैच्छिक अनुक्रियाएँ, स्किनर में ऐच्छिक क्रियाएँ और उनके परिणाम (पुनर्बलन) पर बल ✓
  • (D) स्किनर का सिद्धांत अधिक पुराना है
पावलव = Classical Conditioning (Respondent) — अनैच्छिक, reflexive। स्किनर = Operant Conditioning — ऐच्छिक क्रियाएँ जो परिणाम (Reinforcement/Punishment) के आधार पर सीखी या छोड़ी जाती हैं।
प्रश्न 30

UPTET और CTET में CDP से कुल कितने प्रश्न होते हैं और पावलव से अनुमानित कितने प्रश्न आते हैं?

  • (A) CDP = 20, पावलव = 1
  • (B) CDP = 30, पावलव = 2–4 ✓
  • (C) CDP = 25, पावलव = 5–6
  • (D) CDP = 30, पावलव = 7–8
UPTET और CTET दोनों में CDP से 30 प्रश्न — 30 अंक। पावलव के शास्त्रीय अनुबंधन से प्रत्येक परीक्षा में 2–4 प्रश्न अवश्य आते हैं। कोई नकारात्मक अंकन नहीं।
💡 Exam Tip: पावलव के प्रयोग के चार घटक (UCS, UCR, CS, CR) और उनके उदाहरण जरूर याद रखें। विलोपन, सामान्यीकरण, विभेदीकरण और स्वतःपुनर्लाभ से उदाहरण-आधारित प्रश्न आते हैं। पावलव vs थॉर्नडाइक vs स्किनर की तुलना भी UPTET-CTET में अक्सर पूछी जाती है।
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