UP Super TET Math Syllabus 2026: Complete Topic-Wise Guide (Assistant Teacher)
संख्या पद्धति से लेकर सांख्यिकी तक — Super TET Math के सभी 13 महत्वपूर्ण टॉपिक्स, फॉर्मूला, सब-टॉपिक्स और तैयारी की रणनीति एक जगह
UP Super TET (Uttar Pradesh Superintendent TET) Assistant Teacher भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए Math (गणित) विषय सबसे ज्यादा स्कोरिंग होने के साथ-साथ सबसे ज्यादा उलझाने वाला भी है, क्योंकि इसमें सिर्फ फॉर्मूला याद रखना काफी नहीं है — कॉन्सेप्ट क्लियर होना जरूरी है।
पिछले कुछ वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखें तो Number System, LCM-HCF, Percentage, और Time-Work जैसे टॉपिक्स से लगातार सवाल पूछे गए हैं। इस पोस्ट को हमने सिर्फ टॉपिक की लिस्ट देकर खत्म नहीं किया — बल्कि हर टॉपिक के अंदर मुख्य फॉर्मूला, सब-टॉपिक्स, अक्सर होने वाली गलतियाँ और प्रैक्टिस स्ट्रैटेजी भी दी है, ताकि आपको बार-बार दूसरी जगह न ढूंढना पड़े।
नीचे दिए गए Index से किसी भी टॉपिक पर सीधे जाएं, या पूरा पेज पढ़कर एक ही बार में पूरा Math syllabus revise कर लें।
📘 Super TET Math Topics Index
- 1. संख्या पद्धति (Number System)
- 2. LCM-HCF
- 3. भिन्न-दशमलव (Fraction-Decimal)
- 4. प्रतिशत (Percentage)
- 5. लाभ-हानि (Profit-Loss)
- 6. ब्याज (SI-CI)
- 7. औसत (Average)
- 8. अनुपात-समानुपात (Ratio-Proportion)
- 9. समय-कार्य (Time-Work)
- 10. समय-दूरी-चाल (Time-Speed-Distance)
- 11. ज्यामिति (Geometry)
- 12. क्षेत्रमिति (Mensuration)
- 13. सांख्यिकी (Statistics)
Super TET Math में संख्या पद्धति एक बुनियादी और सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला टॉपिक है। इसमें पूर्णांक, प्राकृत संख्या, अभाज्य संख्या, भाज्यता के नियम (Divisibility Rules), और संख्याओं पर आधारित तर्कशक्ति के प्रश्न शामिल होते हैं। पूरा विस्तृत नोट्स अलग पोस्ट में उपलब्ध हैं।
High Weightage Topicपूरा टॉपिक पढ़ें →
लघुत्तम समापवर्त्य (LCM) और महत्तम समापवर्तक (HCF) पर आधारित प्रश्न हर वर्ष Super TET परीक्षा में पूछे जाते हैं। इस टॉपिक में Word Problems और Direct Calculation दोनों तरह के प्रश्न शामिल होते हैं। पूरा विस्तृत नोट्स अलग पोस्ट में उपलब्ध हैं।
Frequently Askedपूरा टॉपिक पढ़ें →
भिन्न (Fraction) और दशमलव (Decimal) से जुड़े सवाल Super TET Math की नींव बनाते हैं। इस सेक्शन में Simplification और तुलना (Comparison) आधारित प्रश्न मुख्य रूप से पूछे जाते हैं। पूरा विस्तृत नोट्स अलग पोस्ट में उपलब्ध हैं।
Basic Concept Topicपूरा टॉपिक पढ़ें →
प्रतिशत का टॉपिक Super TET Math में लाभ-हानि और ब्याज जैसे टॉपिक्स की बेस माना जाता है। इसमें वृद्धि-कमी प्रतिशत (Percentage Increase-Decrease) पर आधारित प्रश्न महत्वपूर्ण हैं। पूरा विस्तृत नोट्स अलग पोस्ट में उपलब्ध हैं।
Scoring Topicपूरा टॉपिक पढ़ें →
लाभ-हानि व्यापारिक गणित (Commercial Mathematics) का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें क्रय मूल्य (CP), विक्रय मूल्य (SP), अंकित मूल्य (Marked Price) और छूट (Discount) के बीच के संबंध को समझना जरूरी होता है। Super TET में इस टॉपिक से प्रत्यक्ष कैलकुलेशन के साथ-साथ Word Problems भी पूछे जाते हैं।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- लाभ % = (SP − CP) / CP × 100
- हानि % = (CP − SP) / CP × 100
- SP = CP × (100 + लाभ%) / 100
- SP = CP × (100 − हानि%) / 100
- वास्तविक मूल्य = MP × (100 − छूट%) / 100
📚 सब-टॉपिक्स
- Single Discount
- Successive Discount
- False Weight (कम तौलना)
- Dishonest Dealer
- Cost Price बदलने पर लाभ-हानि
साधारण ब्याज (Simple Interest) और चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) से जुड़े प्रश्न Super TET में नियमित रूप से पूछे जाते हैं। SI में ब्याज हर वर्ष समान रहता है, जबकि CI में ब्याज पर भी ब्याज जुड़ता जाता है — यही मूल अंतर परीक्षा में सबसे ज्यादा टेस्ट किया जाता है।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- SI = (मूलधन × दर × समय) / 100
- CI = मूलधन × [(1 + दर/100)^समय − 1]
- मिश्रधन (CI) = मूलधन × (1 + दर/100)^समय
- 2 वर्ष के लिए CI − SI = मूलधन × (दर/100)²
📚 सब-टॉपिक्स
- अर्धवार्षिक/तिमाही ब्याज दर
- SI बनाम CI तुलना
- मूलधन ज्ञात करना
- किश्तों में भुगतान
औसत से संबंधित प्रश्न Super TET Math में तुलनात्मक रूप से आसान होते हैं, परंतु इनमें संख्याओं और समूहों पर आधारित लॉजिक की समझ जरूरी होती है। खासकर जब समूह में नई एंट्री जुड़ने या किसी सदस्य के हटने पर औसत बदलता है, तब प्रश्न थोड़ा ट्रिकी हो जाता है।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- औसत = सभी संख्याओं का योग / संख्याओं की कुल गिनती
- औसत चाल = 2xy / (x + y) (जब बराबर दूरी दो अलग चाल से तय हो)
- नया औसत = (पुराना कुल योग + नई एंट्री) / नई कुल गिनती
📚 सब-टॉपिक्स
- भारित औसत (Weighted Average)
- आयु आधारित औसत
- क्रमागत संख्याओं का औसत
अनुपात-समानुपात का टॉपिक Super TET Math में साझेदारी (Partnership) और मिश्रण (Mixture-Alligation) जैसे उप-टॉपिक्स की नींव है, इसलिए इसकी अच्छी पकड़ जरूरी है। इस टॉपिक में तुलना और बंटवारे (Division in given ratio) पर आधारित प्रश्न आम हैं।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- a : b :: c : d ⇒ a × d = b × c
- मध्यानुपाती = √(a × c)
- संयुक्त अनुपात (Compounded Ratio) = (a × c) : (b × d)
📚 सब-टॉपिक्स
- साझेदारी (Partnership)
- मिश्रण और अपमिश्रण (Alligation)
- निरंतर अनुपात (Continued Proportion)
समय और कार्य पर आधारित प्रश्न Super TET Math में तर्क क्षमता की परख करते हैं। इसमें कार्य-कुशलता (Efficiency) और पाइप-टंकी (Pipe-Cistern) जैसे उप-टॉपिक्स भी शामिल होते हैं। LCM पद्धति से इस टॉपिक के प्रश्न सबसे तेज़ हल किए जा सकते हैं।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- कार्य = दर × समय
- यदि A, काम को n दिन में करता है ⇒ A की 1 दिन की कार्यक्षमता = 1/n
- पाइप-टंकी में आउटलेट पाइप की कार्यक्षमता ऋणात्मक (negative) मानी जाती है
📚 सब-टॉपिक्स
- Pipe-Cistern
- Work Efficiency
- Man-Days-Hours आधारित प्रश्न
समय-दूरी-चाल टॉपिक में रेलगाड़ी (Train) और नाव-धारा (Boat-Stream) आधारित प्रश्न Super TET परीक्षा में विशेष महत्व रखते हैं। इकाई परिवर्तन (Unit Conversion) में गलती इस टॉपिक की सबसे आम गलती है।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- चाल = दूरी / समय
- km/hr को m/s में बदलने के लिए × 5/18
- धारा के अनुकूल चाल = चाल + धारा की चाल
- धारा के प्रतिकूल चाल = चाल − धारा की चाल
📚 सब-टॉपिक्स
- ट्रेन का खंभा/प्लेटफार्म पार करना
- दो ट्रेनों का आमने-सामने/एक दिशा में मिलना
- Boat-Stream
ज्यामिति के अंतर्गत त्रिभुज, चतुर्भुज, वृत्त और कोणों से संबंधित मूल गुणधर्मों पर आधारित प्रश्न Super TET Math में पूछे जाते हैं। यह टॉपिक कॉन्सेप्ट-आधारित है, इसलिए सूत्र रटने से ज्यादा गुणधर्म (Properties) समझना जरूरी है।
🔑 मुख्य गुणधर्म
- त्रिभुज के तीनों कोणों का योग = 180°
- पाइथागोरस प्रमेय: कर्ण² = आधार² + लंब²
- चतुर्भुज के कोणों का योग = 360°
- वृत्त की स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब होती है
📚 सब-टॉपिक्स
- त्रिभुजों की सर्वांगसमता व समरूपता
- चतुर्भुज के प्रकार
- वृत्त की जीवा व स्पर्श रेखा
क्षेत्रमिति में क्षेत्रफल, परिमाप और आयतन से जुड़े सूत्र-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जो Super TET Math के स्कोरिंग सेक्शन्स में गिने जाते हैं। इसमें 2D और 3D दोनों प्रकार के आकारों के फॉर्मूला याद रखना जरूरी है।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा²
- आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई
- वृत्त का क्षेत्रफल = πr²
- घन का आयतन = भुजा³, घनाभ का आयतन = l × b × h
- बेलन का आयतन = πr²h
📚 सब-टॉपिक्स
- 2D आकार (क्षेत्रफल-परिमाप)
- 3D आकार (आयतन-सतह क्षेत्रफल)
- शंकु, गोला, बेलन
सांख्यिकी के अंतर्गत माध्य, माध्यिका, बहुलक तथा आंकड़ों के ग्राफीय निरूपण (Bar Graph, Pie Chart, Histogram) से जुड़े प्रश्न Super TET Math में पूछे जाते हैं। Data Interpretation वाले प्रश्नों में सावधानी से आंकड़े पढ़ना सबसे जरूरी है।
🔑 मुख्य फॉर्मूला
- माध्य (Mean) = सभी मानों का योग / मानों की संख्या
- माध्यिका (Median) = क्रमबद्ध आंकड़ों की बीच की संख्या
- बहुलक (Mode) = सबसे ज्यादा बार आने वाला मान
📚 टॉपिक्स
- केंद्रीय प्रवृत्ति की माप
- बार ग्राफ / पाई चार्ट
- Data Interpretation
❓ Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1. UP Super TET Math में कुल कितने प्रश्न पूछे जाते हैं?
आधिकारिक अधिसूचना जारी होने पर सटीक प्रश्न संख्या और मार्किंग स्कीम इसी पोस्ट में अपडेट कर दी जाएगी।
Q2. Super TET Math की तैयारी के लिए कौन सा टॉपिक सबसे पहले पढ़ें?
संख्या पद्धति, LCM-HCF और प्रतिशत जैसे बेसिक टॉपिक्स से शुरुआत करना सबसे बेहतर रणनीति मानी जाती है, क्योंकि बाकी टॉपिक्स इन्हीं पर आधारित होते हैं।
Q3. क्या Super TET Math में निगेटिव मार्किंग होती है?
आधिकारिक अधिसूचना में निगेटिव मार्किंग से संबंधित नियम स्पष्ट होते ही यह जानकारी इस पोस्ट में अपडेट कर दी जाएगी।
Q4. Super TET Math में कौन से टॉपिक सबसे ज्यादा स्कोरिंग हैं?
प्रतिशत, क्षेत्रमिति, समय-कार्य और औसत जैसे टॉपिक्स फॉर्मूला-आधारित होने के कारण कम समय में ज्यादा सही उत्तर देने में मदद करते हैं।
Q5. क्या Super TET Math की तैयारी के लिए कैलकुलेटर की जरूरत पड़ती है?
नहीं, परीक्षा हॉल में कैलकुलेटर की अनुमति नहीं होती, इसलिए वैदिक गणित और शॉर्टकट ट्रिक्स से मानसिक कैलकुलेशन की प्रैक्टिस जरूरी है।
Q6. Super TET Math के लिए रोज़ाना कितना समय देना चाहिए?
शुरुआती चरण में रोज़ 1-1.5 घंटे कॉन्सेप्ट क्लियर करने में और परीक्षा नज़दीक आने पर 20-25 मिनट टॉपिक-वाइज प्रैक्टिस सेट हल करने में देना बेहतर रहता है।